Monday, January 24, 2011

A poem by me on birthday

यह दिन हमेशा ख़ास होता है 
इस दिन में एक अच्छा अहसास होता है 
मम्मी पापा जब प्यार से विश करे तो मन में हर्षौल्लास होता है 
यदि काम काज में भूल जाये तो मन उदास होता है 
केक का स्वाद  और गिफ्ट्स के इंतज़ार में सब रहते हैं 
और इसी पल को जनम दिवस या हैप्पी बर्थडे कहते हैं 

पर इन सभी चीजों का शायद आपको इल्म नहीं है 
क्यूंकि ये ज़िन्दगी है रुपहले परदे की फिल्म नहीं है 
आपकी सादगी सदा उस चाँद की ठंडक की तरह बड़े जिसे सब पर नाज़ होता है
और आप पाएंगी वो सब जो आप चाहती है जाने ऐसा क्यूँ मुझे आभास होता है 
उस सूर्य की भांति आपके ज्ञान की आभा प्रकाशित रहे खुदा से  बस इतनी सी इबादत है
कोई ख़ुशी न बाकी रह जाये आपकी और न आप कभी ये कह पाए 
कि हे ईश्वर! तुझ से इतनी सी ही शिकायत है 

कविता के रूप में पंक्तिबद्ध तुकबंदी का ये हमारा एक छोटा सा प्रयास है 
आज वह दिन आ गया है जिसका सबको महीनो से इंतज़ार है 
ज़िन्दगी को हर पल जिए और हर पल के लिए ज़िन्दगी जिए इसी दुआ के साथ मेरे सब्दो पर विराम है 
विश यू अ वैरी हैप्पी बर्थडे के साथ मेरा आपको सहृदय प्रणाम है


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